वायुमंडलीय प्रेक्षणात्मलक नेटवर्क

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आईएमडी के आधुनिकीकरण चरण- I (तालिका-1) के तहत, वायुमंडलीय प्रेक्षण नेटवर्क में वृद्धि जारी है। हैदराबाद, नई दिल्ली, नागपुर, पटना और मुंबई में प्रत्येक में पांच डीडब्‍ल्‍यूआर को शुरू किया गया है और वेब पर प्रयोक्‍ताओं के लिए नियमित रूप से उत्पाद उपलब्ध हैं। दिल्ली डीडब्ल्यूआर का उपयोग प्रदर्शनात्‍मक रुप से कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी 10) के समर्थन में घंटेवार पैमाने पर स्‍थल विशिष्ट मौसम के पूर्वानुमान के सृजन के माध्यम से तात्‍कालिक पूर्वानुमान प्रणाली के निर्माण हेतु किया गया है। जीपीएस सोंडे से भारत के ऊपरी हवा के अवलोकनों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इसके साथ ही, आईएमडी द्वारा जीपीएस आधारित देश में ही विकसित ऊपरी वायु साउंडिंग प्रणाली के एक नए संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। ठोस प्रदर्शन मूल्यांकन की सुविधा के लिए एक सीमित पैमाने में परिचालन इंडक्‍शन हेतु कार्रवाई करने का प्रयास चल रहा है।

तालिका 2.1: वायुमंडलीय अवलोकन नेटवर्क की स्‍थिति।

सेंसर लक्ष्‍य जुलाई 2011 तक आधुनिकीकरण करने से पहले विद्यमान कुल आंकडे़ प्राप्‍त
एडब्‍ल्‍यूएस 550 411 125 522 503
एआरजी 1350 364 - 364 314
जीपीएस-एस 10 10 1 11 11
डीडब्‍ल्‍यूआर 13 2 5 7 7
पायलट बैलून 70 65 - - 65

2009-11 के दौरान बादल एयरोसोल अंत:क्रिया प्रयोग के लिए एक उपकरण युक्‍त हवाई यान को मानसून अवधि में किराए पर लिया गया था। अब तक उपलब्ध सभी उपग्रह डेटा को संग्रहित करने और वास्तविक समय मूल्य वर्धित उत्पादों पर कार्य के लिए एक वेब इंटरफेस - राष्ट्रीय उपग्रह डेटा सेंटर स्थापित किया गया था। नए उपग्रह इनसेट 3 डी को निकट भविष्य में प्रेक्षपित किया जाएगा। इसके डेटा की प्रक्रिया के लिए आवश्यक भूखंड पहले से ही स्थापित कर दिया गया है और मौजूदा भारतीय उपग्रहों, कल्पना -1 / इनसेट -3 ए के लिए इनका वर्तमान में परीक्षण किया जा रहा है। नई प्रणाली से उच्च प्रभाव मौसम घटनाओं का पूर्वाभास देने की भारतीय क्षमता में पर्याप्‍त वृद्धि होगी।

भारत तथा सार्क पड़ोसी देशों नेपाल, माले और श्रीलंका के 37 स्थानों पर स्‍थापित की गई डिजिटल मौसम वैज्ञानिक डेटा प्रसारण (डीएमडीडी) प्रणालियों का सैटेलाइट उत्पाद प्रसारण सेवाओं के साथ अपग्रेड किया गया ।  353 तटीय डिजिटल चक्रवात चेतावनी प्रसार स्टेशनों (डीसीडब्‍ल्‍यूडीएस) असफल सुरक्षित उपग्रह संचार की सहायता से लगातार संचालित किया जा रहा है । तैनाती के लिए इसका डीटीएच में माइग्रेशन प्रोटोटाइप्‍ड मोड में किया गया है। 

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ईयूएमईटीएसएटी और आईएमडी के बीच सभी यूरोपीय उपग्रहों से डेटा प्राप्त करने के लिए एक द्विपक्षीय समझौता किया गया था। इस अवधि के दौरान जीपीएस उपग्रह डेटा का उपयोग करते हुए एकीकृत अवक्षेपण योग्‍य जल वाष्प और एनओएए/मोडिस/मेटॉप ध्रुवीय कक्षा उपग्रहों से डेटा प्राप्‍ति प्रणालियों की स्‍थापना विकास के अन्य क्षेत्रों में शामिल है ।

Last Updated On 11/02/2015 - 10:58
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