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गैस हाइड्रेटस

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गैस हाइड्रेट्स मीथेन और पानी का क्रिस्टलीय रुप हैं, और वे बाहरी महाद्वीपीय मार्जिन के उथले तलछटों में मौजूद हैं। इनकी परिकल्पना भविष्य के लिए एक व्यवहार्य प्रमुख ऊर्जा संसाधन के रूप में की गई है। इस प्रकार, भूभौतिकीय तरीकों से भारतीय महाद्वीपीय मार्जिन के साथ-साथ संसाधन क्षमता का मूल्यांकन सहित गैस हाइड्रेट्स का सीमांकन भारत के लिए ऊर्जा की भारी मांग को पूरा करने हेतु बहुत महत्वपूर्ण है। 

अपनी प्रचुर मात्रा संसाधन क्षमता के साथ गैस हाइड्रेट्स एक संभावित ईंधन संसाधन के रूप में उभर रहे हैं। भूवैज्ञानिक स्थिति के प्रारंभिक आकलन और उपलब्ध सीमित भूकंप डेटा से भारत के ईईजेड के भीतर गैस हाइड्रेट्स की बड़ी मात्रा पाए जाने की उच्च संभावना का पता चलता है। पिछली योजना अवधि के दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा एकत्रित किए गए बहु चैनल भूकम्पीय डेटा का मूल्यांकन किया गया है और आंकड़ों के आधार पर, कृष्णा-गोदावरी (केजी) और महानदी घाटी में 100 किमी X 100 किमी के दो संभावना वाले स्‍थलों पहचान की गई और सर्वेक्षण किया गया है। बारहवीं योजना अवधि के दौरान, ग्राउंड ट्रूथिंग पर अध्‍ययन करने और इन दोनों स्‍थलों पर संसाधनों का निर्धारन करनेके साथ- साथ भारतीय ईईजेड के अन्‍य संभावित क्षेत्रों में इसी तरह की घटनाओं का पता लगाने पर केंद्रित करने का प्रस्‍ताव है।  

भारतीय जल सीमा में, गैस हाइड्रेट निक्षेपों में एक अरब घन मीटर की अनुमानित मात्रा में मीथेन गैस की उपलब्धता के साथ, गैस हाइड्रेट भारत के लिए भविष्य में ऊर्जा के स्रोत हो सकते हैं। गैस हाइड्रेट्स के दोहन के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करके देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है। गैस हाइड्रेट अन्वेषण, पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित इन गैस हाइड्रेट्स से गैस की प्राप्ति के लिए उपकरणों का विकास करना मौजूदा समय की जरूरत है। भारत में गैस हाइड्रेट पर अध्ययन शुरू करने के लिए आधारभूत संरचना भारत में तीन सहयोगी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में स्थापित की गई और 10 वीं और 11 वीं योजना गतिविधि के दौरान इसमें विशेषज्ञता प्राप्त की गई। वर्तमान समय में कच्चे तेल की कीमत में वृद्धि के साथ ऊर्जा की मांग में, गैस हाइड्रेट्स आशाजनक वैकल्पिक रूप से व्यवहार्य संसाधनों में से एक है और इसमें एक दीर्घकालिक संभावना है। महासागर बेसिनों के महाद्वीपीय मार्जिन से गैस हाइड्रेट्स का दोहन एक तकनीकी चुनौती है। अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में, दोहन के लिए एक सिद्ध क्षेत्र निष्पादन योग्य पद्धति अभी स्थापित की जानी है, इसके सुरक्षित दोहन के लिए प्रयोगशाला पैमाने पर काफी प्रायोगिक कार्य प्रगति पर है। शेल प्रभाजन तंत्र द्वारा प्रदर्शित कृष्णा-गोदावरी बेसिन में गैस हाइड्रेट्स की बृहत मोटाई की घटना का साक्ष्‍य मिलता है और अंडमान बेसिन में विश्‍व के गैस हाइड्रेट्स की गहरा तल घटना का पता चलता है। 10 वीं और 11 वीं योजना अवधि के दौरान हुई क्षमता निर्माण से विकसित अवधारणाओं और प्रौद्योगिकी को सिद्ध करने के लिए, यह कार्यक्रम लाभकारी है।

क) उद्देश्‍य

  1. कृष्णा गोदावरी और महानदी घाटियों से मल्टी चैनल भूकंपी (एमसीएस) और समुद्री तल भूकम्पमान (ओबीएस) डेटा का उपयोग कर गैस हाइड्रेट्स भंडार का मात्राकरण
  2. नए संभावित स्थानों पर भूभौतिकीय और भूवैज्ञानिक डेटा का संग्रह
  3. पहचाने गए संभावित स्थलों पर भू-वास्‍तविक नमूने / ड्रिलिंग से मीथेन हाइड्रेट की मौजूदगी को प्रदर्शित करना
  4. प्रयोगात्मक प्रयोगशाला पैमाने स्थापित करने और गैस हाइड्रेट से मीथेन प्राप्ति की व्यवहार्यता स्थापित करने के लिए संख्यात्मक अध्ययन
  5. गैस हाइड्रेट से गैस की पर्यावरण रूप से सुरक्षित प्राप्ति के लिए संभावित गैस हाइड्रेट स्थल पर क्षेत्र परीक्षणों का संचालन
  6. भूगर्भीय पर्यावरण और जलवायु पर गैस हाइड्रेट पृथक्करण के प्रभाव को समझना और गैस हाइड्रेट के संचयन के दौरान पर्यावरण गड़बड़ी की निगरानी और प्रबंधन के लिए तंत्र की स्थापना

ख) प्रतिभागी संस्‍थाएं:

  1. राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नै
  2. राष्ट्रीय अंटार्कटिक एवं समुद्र अनुसंधान केन्द्र, गोवा
  3. राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद।

ग) कार्यान्‍वयन योजनाएं:

12 वीं योजना के दौरान गैस हाइड्रेट्स से गैस की निकासी की दिशा में संख्यात्मक अध्ययन, प्रयोगशाला और क्षेत्र प्रयोगों पर बल दिया जाएगा।

पहले से विकसित प्रौद्योगिकियों का उपयोग गैस हाइड्रेट की घटना और प्रचुरता के ग्राउंड टूथिंग और सत्‍यापन के लिए किया जाएगा।

गैस हाइड्रेट्स के लिए नए स्‍थलों की पहचान और पता लगाया जाएगा।

एनआईओटी द्वारा गैस हाइड्रेट के अन्वेषण और मीथेन उत्‍पादन के प्रयोगों के लिए प्रौद्योगिकी विकसित की जाएगी। विज्ञान घटक राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई), हैदराबाद और राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (एनआईओ), गोवा द्वारा किया जाएगा। विज्ञान घटक राष्ट्रीय अंटार्कटिक एवं समुद्री अनुसंधान केंद्र (एनसीएओआर) गोवा द्वारा समन्वित किया जाएगा। एनजीआरआई और एनआईओ द्वारा एकत्र वैज्ञानिक डेटा संग्रह एनसीएओआर, गोवा में जमा किया जाएगा। एनजीआरआई और एनआईओ द्वारा गैस हाइड्रेटों के वैज्ञानिक पहलुओं पर कार्य जारी रखा जाएगा जबकि तकनीकी उपकरण विकास एनआईओ और एनजीआरआई और विलोमत: के परिणाम और आवश्यकता के आधार पर एनआईओटी द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा।

मूलसंरचना सुविधाएं / प्रयोगशाला आवश्यकताएं

इस गैस हाइड्रेट कार्यक्रम के लिए विकसित प्रणालियों का परीक्षण करने के लिए एक परीक्षण तल का प्रस्ताव किया गया है। स्वायत्त कोरिंग प्रणाली 8 X 3 X 6  मीटर आयामों की है और हवा में वजन 10 टन है। मूलसंरचना ऐसी प्रणालियों के परीक्षण में सक्षम होगी।

घ) वितरण योग्‍य:

इस कार्यक्रम से प्राप्‍त सबसे महत्वपूर्ण आउटपुट भारतीय ईईजेड में गैस हाइड्रेट की घटनाओं की एक व्यापक समझ होगी। इसके अलावा, कार्यक्रम में गैस हाइड्रेट घटनाओं के ज्ञात स्थानों से मीथेन उत्‍पादन प्रयोगों के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी के विकास की परिकल्पना की गई।

  1. क्‍या बीएसआर गैस हाइड्रेट से संबंधित है अथवा बिना बीएसआर के गैस हाइड्रेट्स की पहचान करने की अर्हता के लिए क्षीणन, प्रतिबिंब शक्ति, बलैकिंग और तात्‍कालिक आवृत्ति का अध्‍ययन।
  2. बीएसआर, मुक्‍त गैस परत आधार और द्रव प्रवाह के लिए प्रवास पथ सहित तलछटों की उन्‍नत संरचनात्‍मक छवि को बनाने के लिए एमसीएस डेटा का प्री-स्‍टैक गहरा माईग्रेशन
  3. गैस हाइड्रेट्स / 'मुक्त' गैस असर तलछटों के विस्तार के सीमांकन के लिए एमसीएस और ओेबीएस डेटा की यात्रा के समय की टोमोग्राफी।
  4. बीएसआर के आस पास एमसीएस डेटा के पूर्ण तरंग विरूपण प्रतिलोम का उपयोग करते हुए परिष्‍कृत पैमाने और परिशुद्ध वेग संरचना।
  5. 4-सी ओबीएस के आंकड़ों के विश्लेषण से टूटने और संभावित रूप से जलाशय प्रकार की रूपरेखा की जांच (टूटना बनाम छिद्र स्‍थान)
    • गैस हाइड्रेट से गैस की पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित प्राप्ति के लिए संभावित गैस हाइड्रेट स्थलों पर क्षेत्र परीक्षण।
    • मल्टी चैनल भूकंपी (एमसीएस), और समुद्री तल भूकम्पमान (ओबीएस) का उपयोग कर गैस हाइड्रेट्स भंडार का मात्राकरण।
    • गैस हाइड्रेट्स से मीथेन की प्राप्ति की स्थापना के लिए प्रायोगात्‍मक और संख्यात्मक अध्ययन।

ङ)बजट आवश्यकता: 143 करोड़ रुपए

(करोड़ रु. में)

बजट आवश्यकता
योजना का नाम 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16 2016-17 कुल
गैस हाइड्रेट 14.00 32.00 32.00 35.00 30.00 143.00

 

Last Updated On 06/17/2015 - 12:37
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