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समुद्री संवेदक, इलैक्ट्रॉ निक्सर और समुद्र ध्वानिकी

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सेंसर किसी भी समुद्र विज्ञान यंत्रों और सोनार के हृदय के रूप में कार्य करते हैं। अधिकांशत: सेंसर भारी लागत आयात के साथ  किए जाते हैं और कई बार सामरिक कारणों से समय पर आपूर्ति नहीं की जाती है।इस प्रकार अंतर्जलीय ध्वनिक ट्रांसड्यूसर, बायो सेंसर, जैसे सेंसरों, दबी हुई वस्तु का पता लगाने की प्रणालियों के विकास से विकसित देशों के साथ तकनीकी अंतर को पूरा करने में भारत की मदद होगी। भिन्‍न-भिन्‍न प्‍लेटफार्मों में लगे हुए बड़ी विविधता वाले सेंसर, प्रतिकूल वातावरण में काम करते हैं और अलग-अलग माप प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं। लागत प्रभावी और समुद्र में पानी के अंदर लंबी अवधि के संचालन का सामना कर सकने वाली उपयुक्त इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है।

चूंकि ध्‍वानिकी अंतर्जल में संचार का एकमात्र प्रभावी साधन है, पिछले एक दशक में हमारे देश में अंतर्जलीय ध्‍वानिकी के प्रमुख क्षेत्रों जैसे कि परिवेशी शोर मापन, विश्‍लेषण, चारित्रिकरण और मॉडलिंग, ध्‍वानिक वेक्‍टर सेंसर, समुद्र संस्‍तर वर्गीकरण/लक्षणीकरण, उथले जल अनुप्रयोगों के लिए अंतर्जलीय सिग्‍नल प्रसंस्‍करण एल्‍गोरिथ्‍म आदि में अनुसंधान, विकास और कार्यान्‍वयन में कुछ ही पहलें, प्रारंभ की गई है।  

क) उद्देश्‍य:

  1. अंतर्जलीय इलेक्ट्रॉनिक्स सहायता सुविधा की स्थापना
  2. अंतर्जलीय घटकों का विकास
  3. समुद्र संस्‍तर  और विभिन्न कस्टम आधारित सेंसरों का पता लगाने और नीचे दबी वस्तुओं को वर्गीकृत करने के लिए उथले जल उप तल प्रोफाइलर, सेंसर प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों जैसे समुद्र वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए समुद्री सेंसर, अंतर्जलीय ध्वनिक ट्रांसड्यूसर और प्रणालियों को विकसित करना।
  4. सतह ब्‍वॉय में सुनामी का पता लगाने और डेटा अधिग्रहण और प्रसंस्करण इकाई के लिए गहरे समुद्र दबाव रिकार्डर को विकसित करना।
  5. अंतर्जलीय ध्वनि-विज्ञान का उपयोग करते हुए समुद्र संस्‍तर वर्गीकरण / लक्षणीकरण।
  6. उथला जल अनुप्रयोगों के लिए ध्वनिक वेक्‍टर सेंसर और अंतर्जलीय संकेतक प्रसंस्करण एल्गोरिदम का विकास
  7. भारत के तट के साथ उथले जल में परिवेश शोर माप स्टेशनों का एक नेटवर्क स्थापित करना।
  8. उच्च आवृत्ति परिवेश शोर की भविष्यवाणी के लिए एक उथले जल वाले मॉडल का विकास।
  9. लंबी अवधि के अनुप्रयोगों के लिए टाइम रिवर्सल मिरर आधारित अंतर्जलीय संचार प्रणाली का विकास करना।

ख)  प्रतिभागी संस्‍थाएं:

राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नै।

ग)  कार्यान्‍वयन योजना :

  1. विभिन्न अंतर्जलीय अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त ईंधन कोशिकाओं प्रौद्योगिकी को अपनाना
  2. इसरो संगठनों के साथ समन्वय और परस्‍पर क्रिया से सभी समुद्र वैज्ञानिक डेटा, वायस और प्रसारण अनुप्रयोगों को पूरा करने के लिए समर्पित भारतीय उपग्रहों का उपयोग कर भारतीय समुद्र पर विश्वसनीय डेटा संचार किया जाएगा।
  3. अन्य क्षेत्रों में परिवेश शोर भविष्यवाणी के लिए क्षेत्र विशिष्ट मॉडल का अध्ययन किया जाएगा। पहले से ही हमारी साइटों पर उपलब्ध लंबी अवधि के डेटा का हमारे क्षेत्रों में उच्च आवृत्ति शोर मॉडलिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
  4. टाइम रिवर्सल मिरर पर आधारित सिग्नल प्रसंस्करण एल्गोरिदम जिसको वर्तमान में विकसित किया जा रहा है, का फील्‍ड में परीक्षण किया जाएगा और दीर्घ अवधि अनुप्रयोगों के लिए टीआरएम आधारित अंतर्जलीय ध्‍वानिक संचार प्रणाली को विकसित किया जाएगा।

जहां कहीं आवश्यक हो, यह प्रस्‍ताव है कि शैक्षिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान और विकास संगठनों, उद्योगों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग से कार्य किया जाए। कुछ परियोजनाएं आईआईटी, आईआईएससी, एनआईओ, एनपीएल आदि, के साथ अंतर संस्थागत कार्यक्रमों के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी।

बुनियादी सुविधाएं / प्रयोगशाला आवश्यकताएं

इसमें सोनार परीक्षण की सुविधा, अंतर्जलीय परिशुद्धता इंजीनियरिंग प्रयोगशाला और बायो सेंसर प्रयोगशाला, विश्लेषणात्मक / माइक्रोस्कोपी प्रयोगशाला स्थापित करने का प्रस्ताव है।

इसमें सेंसरों और फ्लोट्स के अंशांकन में सक्षम टोइंग टैंक और एक फ्लोट अंशांकन सुविधा का प्रस्ताव है। मौसम वैज्ञानिक सेंसरों के अंशाकन, यांत्रिक घटकों/इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरणों/सहायक उपकरणों के भंडारण यार्ड के लिए एक पवन सुरंग का प्रस्‍ताव है।

एक खुला समुद्र ध्वनिक प्रयोगशाला अंतर्जलीय ध्वनिक उपकरणों के परीक्षण और अंशांकन के लिए एक पूरी तरह से उपकरण माप स्टेशन और सुविधा के रूप में कार्य करेगी। प्रयोगशाला एक फ्लोटिंग प्‍लेटफार्म होगा जिसे 100 मीटर गहराई तक संचालित किया जा सकता है। आवृत्ति सीमा 20 किलोहर्ट्ज़ से 200 किलोहर्ट्ज़ है। इसमें खुले समुद्र में अंतर्जलीय प्रणालियों और माप के परीक्षण के लिए सुविधा होगी। यह सुविधा ध्वनि प्रसार के अध्ययन करने के लिए एकल संचरण और ग्रहण कार्य करने के लिए प्रयोगों में सक्षम होगी।

  1. महासागर अनुप्रयोगों के लिए समुद्री सेंसर प्रणाली
  2. सुनामी का पता लगाने के लिए गहरे समुद्री दबाव रिकॉर्डर
  3. उथले जल अनुप्रयोगों के लिए ध्वनिक सेंसर और प्रणालियां
  4. उच्च आवृत्ति परिवेश शोर की भविष्यवाणी के लिए उथले जल मॉडल।
  5. लंबी अवधि के अनुप्रयोगों के लिए टाइम रिवर्सल मिरर आधारित अंतर्जलीय संचार प्रणाली।

ङ)  बजट की आवश्‍यकता : 78 करोड़ रु.

(करोड़ रु. में)

बजट आवश्‍यकता
योजना का नाम 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16 2016-17 कुल
समुद्री सेंसर, इलेक्ट्रोनिक्स और महासागर ध्वनि विज्ञान 16 17 17 16 12 78

 

Last Updated On 06/18/2015 - 10:45
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