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समु्द्र अनुसंधान मॉडलिंग

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सेटकोर कार्यक्रम का लक्ष्‍य भारत के तटीय समुद्रों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों के नौ स्‍थानों पर बायो – ऑप्टिकल गुणों का दीर्घ अवधि मापन करना है। महासागर के रंग पर अनुसंधान और डेटा संग्रह कार्यक्रम जारी रखते हुए 12वीं योजना के दौरान यह भी योजना बनाई गई है कि सेटकोर के विस्‍तार को उप ग्रह से प्राप्‍त समुद्र तल मापनों और उनके उपयोग तक बढ़ाया जाए। उप ग्रह के एलटीमीटर, जो समुद्र तल के ढलान का मापन करते हैं और इस प्रकार समुद्र में जियोस्‍टोफिक धाराएं मापते हैं, ये महासागर की धाराओं के अध्‍ययन में अत्‍यंत उपयोगी सिद्ध हुए हैं। एरगो डेटा और मॉडल के साथ यह संभव है कि तटीय और खुले महासागर क्षेत्र में विश्‍वसनीय शुद्धता के साथ महासागर की धाराओं का परम मानचित्र तैयार किया जाए। महासागर की धाराओं का एक ऐसा उत्‍पाद पर्याप्‍त शुद्धता के साथ अनुकूलतम जहाज मार्ग में संभावित उपयोग रखते हैं, इनसे तेल के छलकाव की ट्रेकिंग, महासागर ताप परिवहन का आकलन किया जा सकता है जो महासागर एवं वातावरण के परिचालन आदि पर अपने प्रभाव के कारण जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करते हैं।

विश्‍वविद्यालयों तथा देश के अन्‍य शैक्षिक संस्‍थानों में अनुसंधान कर्ताओं को प्रोत्‍साहन देने के लिए आईएनडीओएमओडी कार्यक्रम डिजाइन किया गया था ताकि महासागर मॉडलों के विकास के लिए अनुसंधान परियोजनाएं की जा सके, जो महासागर मॉडलों के विकास और हैण्‍डलिंग में बहुत अधिक जरूरी क्षमता के विकास में अत्‍यंत उपयोगी सिद्ध हुई। इनमें से कुछ को हिंद महासागर में देखी गई घटना की गतिशीलता की पहचान और प्रक्रम अध्‍ययन में सफलता मिली है। 

क)    उद्देश्‍य :

  1. मौजूदा समय श्रृंखला स्‍टेशनों पर बायो – ऑप्टिकल मापन जारी रखना और हिंद महासागर के पानी में नए स्‍टेशनों की स्‍थापना करना।
  2. ऑनबोर्ड उपग्रह ओशन सेट, मॉडेस पर महासागर के रंग के सेंसर से भू भौतिक पैरामीटरों की पुन: प्राप्ति के लिए नए एलगोरिथम का सत्‍यापन और विकास, तल के दबाव के रिकॉर्ड तथा ज्‍वार के गेज का उपयोग करते हुए तटीय जल में एलटीमीटर से प्रा‍प्‍त समुद्र तलों का सत्‍यापन।
  3. वातावरण के धुंधलेपन और उपग्रह डेटा में वातावरण के सुधार को बढ़ाने के लिए विकिरण अंतरण पर एरोसोल साइज़ के वितरण के प्रभाव का विश्‍लेषण करना।
  4. स्‍वस्‍थाने और उपग्रह डेटा का उपयोग करते हुए प्राथमिक उत्‍पादकता की मॉडलिंग
  5. प्रचालित महासागर धारा उत्‍पादों के विकास द्वारा नदी में बहाव के लिए एलटीमीटर, खास तौर पर सरल / अल्टिका डेटा प्राप्‍त करने के लिए एल्‍गोरिथम का विकास करने के लिए उच्‍च विभेदन तटीय महासागर मॉडलों में इनका समामेलन।
  6. एलटीमीटर, एरगो और हाईकॉम मॉडल का उपयोग करते हुए उत्तरी हिंद महासागर के लिए चक्रवात ताप संभाव्‍यता के लगभग वास्‍तविक समय के डेटा तैयार करना।
  7. हिंद महासागर की गतिशीलता और ताप गतिशीलता को बेहतर रूप से समझने के लिए महासागर पैरामीटरों के प्रचालन का पूर्वानुमान लगाने हेतु महासागर मॉडलों का निर्माण / विकास करने में अनुसंधान समूहों / अनुसंधान कर्ताओं को सहायता देना तथा सुनामी से उत्‍पन्‍न भूकंप और सुनामी प्रवर्तन मॉडलों को समझना।

ख)    प्रतिभागी संस्‍थान:

भारतीय राष्‍ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, हैदराबाद

ग)    कार्यान्‍वयन योजना :

कार्यक्रम का कार्यान्‍वयन आईएनसीओआईएस द्वारा विश्‍व विद्यालयों तथा अन्‍य संस्‍थानों के साथ भागीदारी से  किया जाएगा। अन्‍य संस्‍थान और विश्‍वविद्यालय नियमित मापन में शामिल होंगे।

घ)    वितरण योग्‍य :

उपग्रह के डेटा का उपयोग करते हुए महासागर पैरामीटरों की शुद्धता / पुन: प्राप्ति में सुधार के लिए नए एल्‍गोरिदम

हिंद महासागर में प्रक्रिया का पूर्वानुमान और उसे समझने के लिए महासागर के मॉडल

हिंद महासागर की कार्यशैली पर हमारे ज्ञान में वृद्धि और मानसून की गतिविधि के दौरान स्‍थायित्‍व में महासागर की भूमिका को समझना।

ड)    बजट आवश्‍यकता : 75 करोड़ रु.

(करोड़ रु. में)

बजट आवश्‍यकता
योजना का नाम 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16 2016-17

कुल

महासागर अनुसंधान और मॉडलिंग

15.00 15.00 15.00 15.00 15.00 75.00

 

Last Updated On 04/29/2015 - 10:25
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