अपतट अवसंरचना और संख्या त्मऔक अपतट टैंक

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तेल की बढ़ती कीमतों, पर्यावरण के प्रति जागरूकता में हुई वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों से अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों का तेजी से विकास हुआ है और अपतटीय संसाधनों पर निर्भरता बढ़ी है। फ्लोटिंग संयंत्रों की जरूरत बढ़ी है। धारा, तरंग और पवन की प्रतिक्रिया के कारण इनके बीच होने वाली गतिशील परस्‍परक्रिया की दृष्‍टि से प्‍लेटफार्म के डिजाइन, राइजर पाइप, और इसकी संलग्‍नता का अध्‍ययन करना होगा। राइजर के उपयुक्त कनेक्शन के साथ अर्द्ध पनडुब्बी प्लेटफार्म, सममित प्लेटफार्म, स्‍पार प्रकार के प्लेटफार्म, कुछ तकनीकी विकल्पों में से हैं। एक एकीकृत मंच, राइजर  और उसके नौबंध के विकास, एक अस्थायी संयंत्र के डिजाइन की प्रमुख तकनीकी बाधाएं रही हैं और आने वाले वर्षों में विभिन्न डिजाइन विकल्प के अध्ययन, सिमुलेशन और मॉडल के अध्ययन के माध्यम से, इनका प्राथमिकता आधार पर अध्ययन किया जाना है ।

सामग्रियों की एक उचित समझ प्राप्त करने के लिए अध्ययन जारी रखने की आवश्यकता है।

नई निर्माण तकनीक के साथ संरचनात्मक डिजाइन के अनुकूलन के लिए तोड़ने वाली तरंगों के बल का अध्ययन करने से संरचनाओं की लागत को कम करने में मदद मिलेगी। एक ही प्रयोजन के स्‍थान पर कई प्रयोजनों के साथ उपलब्‍ध सुविधाएं लागत को कम करने का एक और तरीका है। तरंग रोधक जल मछुआरा समुदाय के लिए चक्रवात और सुनामी से किनारे पर सुरक्षा उपकरणों के रूप में भी काम करेगा।

भूमि आधारित पवन चक्की प्रौद्योगिकी अच्छी तरह से विकसित और लोकप्रिय है। पवन चक्की लगाने के लिए महंगे तटीय भूमि क्षेत्र की जरूरत नहीं है। दूसरे, भूमि पर कोई बाधा न होने के कारण अपतटीय पवन चक्कियों को व्‍यापक पवन गतियों का अ‍नुभव होता है। जबकि, उथले पानी में इस पवन चक्की की डिजाइन और नींव का निर्माण एक चुनौती है। नए-नए तरीकों को ध्‍यान में रखते हुए, फ्लोटिंग पवन टरबाइन प्लेटफार्मों का अध्ययन करने की आवश्यकता है

संख्‍यात्‍मक अपतटीय टैंक एक गतिशील सिम्युलेटर है, जो नौबंधों लाइनों तथा राइजरों के संरचनात्मक भार के साथ-साथ उत्‍पादन इकाइयों का पूर्ण जलगतिकी विश्लेषण करने में सक्षम है।

सुविधा का मुख्य लक्ष्य मॉडल बेसिन परीक्षण करने के लिए पूरकता देना, विभिन्न पर्यावरण स्थितियों (तरंग, पवन और धारा)  की एक विस्तृत श्रृंखला के तहत पूरे उत्पादन प्रणाली व्यवहार का अनुरूपण जिसमें तेजी और किफायती तरीके से पूरे विश्लेषण की सटीकता को बढ़ाना है। त्रिविम क्षमताओं के साथ आभासी वातावरण की सुविधा अस्थायी / नियत संरचना, राइजरों, नौबंध लाइनों / एंकर, समुद्र स्थिति, और 3 डी वातावरण में समुद्र तल स्थलाकृति जैसे विभिन्न तत्वों का अनुरुपण कर सकते हैं ।

क) उद्देश्‍य :

  1. फ्लोटिंग निकायों के साथ राइजर्स कनेक्‍शन के लिए इंटरफेस का डिजाइन।
  2. नियत और फ्लोटिंग प्‍लेटफॉर्मों नौबंध, सक्‍शन पाइल एंकरों का विश्‍लेषण, डिजाइन और मॉडल अध्‍ययन।
  3. अपतटीय पवन टरबाइन के लिए फिक्स्ड और अस्थायी प्लेटफार्म
  4. उच्च ऊर्जा पर्यावरण के लिए पनडुब्बी पाइप लाइन पर अध्ययन
  5. संसाधनों का अन्वेषण या दोहन के लिए अपतटीय उत्पादन प्रणालियों के लिए संख्‍यात्‍मक अपतटीय टैंक सुविधा विकसित करना।

ख) प्रतिभागी संस्‍थाएं :

राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नै।

ग) कार्यान्‍वयन योजना :

छोटे द्वीपों के लिए गर्म पानी और ठंडा गहरा समुद्र का जल खीचने के लिए टंकी के डिजाइन को इष्‍टतम किया जाएगा ताकि भूमि पर इसके निर्माण और 5 मी. के आसपास जल गहराई में अपतटीय स्‍थल पर टोइिंग और सीटिंग को सुसाध्‍य बनाने के लिए इसके वज़न और घनफल को न्‍यूनतम किया जा सके।

तरंग बलों को (तोड़ने और बिना तोड़ने वाले) के लिए संरचनात्मक डिजाइन का अनुकूलन। सटीकता से तरंग बलों का आकलन और उच्च तरंग भार के साथ एक लागत प्रभावी संरचना का विकास जिसके लिए कोई कोड नहीं है। उपरोक्‍त अनुसंधान के परिणाम अन्य संरचनाओं के लिए लागू किए जा सकते हैं जो उथले तटीय जल में बनाई जाती है। इसमें शामिल कदम हैं :

आईआईटी, एनआईटी जैसे अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भौतिक / संख्यात्मक मॉडल के अध्ययन के उपक्रम में शामिल किया जाएगा। लहर संरचना अंत:क्रिया और पवन टरबाइन के लिए उपसंरचना के डिजाइन जैसे अनुसंधान के क्षेत्रों के लिए, भारत के बाहर अनुसंधान संस्थानों के पास उपलब्ध विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा।

टीपीएन, ब्राजील जैसे अन्य देशों के पास उपलब्ध विशेषज्ञता का संख्यात्मक अपतटीय सुविधा विकसित करने में उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, संख्यात्मक उपकरणों और इसके सत्यापन के विकास में आईआईटी जैसे अत्‍याधुनिक संस्थानों को शामिल किया जाएगा। औद्योगिक आवश्यकता की पहचान करने के लिए इसके विकास के चरण में ईआईएल / ओएनजीसी जैसी अपतटीय परामर्श कंपनियों से परामर्श किया जाएगा।

बुनियादी सुविधाएं / प्रयोगशाला आवश्यकताएं

  • ठंडे पानी के पाइप के लिए सामग्री और तैनाती प्रक्रियाओं का अध्ययन।
  • अभिकलन और दृश्यकरण के लिए प्रासंगिक हार्डवेयर / सॉफ्टवेयर के साथ उच्च कार्यनिष्‍पादन  कंप्यूटिंग प्रणाली का विकास।
  • जल गतिकी और संरचनात्मक विश्लेषण के लिए संख्यात्मक मॉडलिंग सॉफ्टवेयर।
  • अंतिम उत्पाद के अनुसरण के लिए 3डी दृश्यकरण / एनीमेशन उपकरण
  • देश में अन्य एमओईएस और अन्य अनुसंधान संस्थानों के साथ नेटवर्किंग।

विलवणीकरण, महासागर ऊर्जा और खनन जैसे गहरे पानी अनुप्रयोग के लिए अपतटीय प्‍लेटफॉर्मों के कई विन्‍यासों की आवश्यकता का अध्‍ययन किया जाएगा। जहां छोटे मॉडल का अध्ययन करने के लिए इसका आईआईटी तरंग बेसिन में परीक्षण किया जा सकता है, समुद्र में परीक्षण करने के लिए थोड़े बड़े मॉडल की जरूरत होगी। समुद्र फ्रंट स्थित प्रयोगशाला में ख़ुले समुद्र में उपकरण नौबंधों के साथ प्लेटफार्मों के विभिन्न प्रकार के मॉडलों का परीक्षण किया जा सकता है। पूरे वर्ष के लिए भिन्‍न – भिन्‍न तरंगों और धाराओं सहित गति प्रक्रिया पर दीर्घ अवधि परीक्षण किए जा सकते हैं। द्विआयामी और त्रिआयामी तरंगों को निर्मित करने की सुविधाओं के साथ एक बड़ा तटीय तरंग बेसिन, देश के भीतर मध्‍य से बड़े पैमाने पर अवसंरचना और तटीय रेखा पर द्विआयामी और अर्ध-तीन आयामी अध्ययन संचालित करने का अनोखा अवसर प्रदान करती है। 

घ) वितरण योग्‍य :

  • अपतटीय संरचनाओं के विकास के लिए एक आभासी वास्तविकता सुविधा।
  • अपतटीय पवन टरबाइन के लिए फिक्स्ड और अस्थायी प्लेटफार्म।

ङ) बजटकी आवश्‍यकता : 68 करोड़ रुपए

(करोड़ रु)

बजट  आवश्‍यकता

 

योजना का नाम

2012-13 2013-14 2014-15 2015-16 2016-17

कुल

अपतटीय संरचनाएं  एवं संख्‍यात्‍मक अपतटीय टैंक 2 16 17 21 12 68

 

Last Updated On 06/23/2015 - 11:53
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