द्वीप समुदाय के विकास के लिए प्रौद्योगिकियां

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वन आवरण में कमी, जनसंख्या वृद्धि, घरेलू कचरे का उत्पादन, मत्स्य उत्पादन में कमी, पर्यटन विकास, आदि द्वीपों के साथ जुड़ी हुई समस्याएं हैं। इस संबंध में, कम से कम द्वीप समूह के लिए तीन प्रमुख मुद्दों जैसे खाद्य, ऊर्जा और पानी में सुधार किया जाना चाहिए। इसका तात्‍पर्य पर्यावरण अनुकूल तरीके से इन मुद्दों पर आत्मनिर्भरता बनाना है। इन क्षेत्रों में हमारे ज्ञान को बढ़ाने के लिए एनआईओटी में विकसित/ विकासशील सभी प्रौद्योगिकियों एक भारतीय द्वीप पर स्‍थापित की जाए और एक मॉडल समुदाय बनाया जाए।

क) उद्देश्‍य :

  1. निम्नलिखित गतिविधियों के साथ एक द्वीप समुदाय का विकास करना।
  2. द्वीप समुदाय के लिए पानी की आपूर्ति के लिए विलवणीकरण संयंत्र
  3. अक्षय ऊर्जा इकाइयां
  4. द्वीपों के अनुरूप विभिन्न आकृति और आकार के समुद्री पिंजरों का विकास।
  5. अपतटीय फिन मछली पालन का समर्थन करने के लिए गुणवत्ता फीड के सूत्रण।
  6. कृत्रिम भित्तियों की स्‍थापना के माध्यम से डेमर्शल मत्स्य पालन में वृद्धि।
  7. बायो क्रूड और जैव ईंधन समुद्री सूक्ष्म शैवाल और मैक्रो शैवाल का उत्पादन।
  8. प्रजाति विविधता को बढ़ाना या भविष्य उत्‍पादन के लिए एक अद्वितीय निवास स्थान का संरक्षण।

ख) प्रतिभागी संस्‍थाएं :

राष्ट्रीय समुद्री प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नै।

ग) कार्यान्‍वयन योजना :

इन सुविधाओं की स्थापना के लिए एक उपयुक्त द्वीप की पहचान की जाएगी। चूंकि यह सामाजिक महत्व का एक कार्यक्रम है, अत: स्थानीय आबादी और अधिकारियों को सुविधाओं के नियोजन और स्थापना, चलाने और रख-रखाव रखने में शामिल किया जाएगा।

जहां कहीं आवश्यक हो, शैक्षिक संस्थानों, अनुसंधान और विकास संगठनों, उद्योगों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग में यह काम करने का प्रस्ताव है।

घ) वितरण योग्‍य :

एक मॉडल द्वीप समुदाय

ङ) बजट की आवश्‍यकता: 70 करोड

(करोड़ रु. में)

बजट आवश्‍यकता
कार्यक्रम का नाम 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16 2016-17 कुल
द्वीप समुदाय के विकास के लिए प्रौद्योगिकियां 11 16 17 16 10 70

 

Last Updated On 06/19/2015 - 12:47
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