संवेदनशील मानचित्र

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अनुसंधान क्षेत्रों जैसे :(1)बहु जोखिम संवेदनशीलता (2) वास्तविक समय सुनामी अप्लाीवन मॉडलिंग के साथ-साथ (3) 3-डी जीआईएसपर कार्य शुरू किया गया है।व्यापक वैज्ञानिक कार्यपद्धतियां स्थापित की गई है । कुड्डालोर और नागापट्टनम के बीच तटीय स्थान के लिए3 डीजीआईएस पर एक पायलट परियोजना शुरू की गई थी। तमिलनाडु,उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के तट के लिए सुनामी प्रसारमॉडल और कार्टोसैट से प्राप्ततटीय स्थलाकृति का उपयोग करते हुए सुनामी जोखिम मानचित्रों को 1:25,000 पैमाने पर तैयार किया गया है।अंडमान एवं निकोबार, केरल और पश्चिम बंगाल के तटों के लिए इसी तरहके मान चित्रों को तैयार करने का कार्य प्रगति पर है और इसे 2012 तक पूरा किया जाएगा। एएलटीएम डेटा का उपयोग करते हुए उड़ीसा तट के लिए 1:5000 पैमाने पर सुनामी जोखिम मानचित्रों को तैयार करना शुरू किया जाचु का है और यह 11वीं योजना के अंत तक पूरा हो जाएगा।

अंडमान एवं निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह सहित भारत के संपूर्ण समुद्री तटके लिए1:100000 पैमाने परसीवीआई मानचित्रों को पूरा किया गया।

Last Updated On 06/11/2018 - 15:06
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